नर्मदा नदी में क्रूज चलाने की तैयारियां हुई तेज
भोपाल । नर्मदा नदी में क्रूज चलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मप्रपर्यटन विभाग ने बड़वानी से लगे धार जिले के नर्मदा किनारे स्थित मेघनाद घाट से गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक नर्मदा नदी में क्रूज संचालन हेतु निविदा जारी कर दी है। राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी ने बताया कि पर्यटन विभाग ने सफर की तीन श्रेणियां बनाई हैं। पहली श्रेणी में पांच दिन के सफर की एक श्रेणी रखी है। इसमें रात्रि विश्राम, भोजन, स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसका मार्ग सरदार सरोवर बांध से हापेश्वर-मेघनाद घाट-साकरेज-स्टैच्यू आफ यूनिटी तक का रहेगा। इसकी दूरी 270 किमी होगी। सफर की दूसरी श्रेणी एक तरफा क्रूज यानी तीन दिन का सफर। सरदार सरोवर बांध से हापेश्वर- साकरेजा- मेघनाद घाट तक का सफर किया जा सकेगा। इसकी दूरी 135 किमी होगी। तृतीय श्रेणी में क्रूज का सफर केवल दो घंटे का होगा। क्रूज से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। मेघनाद घाट से 10 किमी परिधि में ही सफर करवाया जाएगा। इस छोटे पैकेज में स्थानीय साइड सीन और नाश्ते की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
चार प्रमुख स्थानों पर जेटी स्टेशन बनेंगे...
135 किमी लंबे जलमार्ग पर चार स्थानों को क्रूज संचालन के लिए जोड़ा जाएगा। यह जलमार्ग बड़वानी से लगे धार जिले के मेघनाद घाट से शुरु होकर अलीराजपुर जिले के साकरेजा, गुजरात के हापेश्वर होते हुए स्टैच्यू आफ यूनिटी तक जाएगा। इन स्थानों पर जेटी स्टेशन(पोंटून) बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को क्रूज पर आने-जाने की सुविधा मिल सके। वर्तमान में प्रदेश में बनने वाले दो स्टेशन के लिए जेटी पोंटून आ गए हैं और ये मेघनाद घाट पर नदी में खड़े हैं।
छोटे स्टेशन भी बनाएं जाएंगे
सांसद ने बताया कि बड़वानी, अंजड़ और धरमपुरी में भी छोटे स्टेशन बनाना प्रस्तावित है जो मुख्य स्टेशन मेघनाद घाट से जुड़ेंगे। निजी एजेंसियों को इस परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी तय की गई है। इस परियोजना के अंर्तगत साल 2026 के अंत तक पहले अंतर-प्रांतीय जल मार्ग पर पर्यटन शुरू होने की उम्मीद है। क्रूज मार्ग पर अलीराजपुर जिले के साकरेजा और गुजरात के हापेश्वर जेटी पाइंट्स पर पर्यटकों को आदिवासी बहुल गांवों में होम स्टे की व्यवस्था भी होगी।

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