लेंसकार्ट विवाद की रायपुर में एंट्री: शोरूम में घुसे कार्यकर्ता, कर्मचारियों को लगाया तिलक।
लेंसकार्ट विवाद की रायपुर में गूंज: शोरूम में प्रदर्शन कर कर्मचारियों को लगाया गया तिलक
रायपुर| सोशल मीडिया से शुरू हुआ 'लेंसकार्ट' ड्रेस कोड विवाद अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। ड्रेस कोड को लेकर उपजे विवाद के बीच धर्म जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित लेंसकार्ट शोरूम पहुंचकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिससे वहां काफी गहमागहमी रही।
शोरूम में लगे 'जय श्री राम' के नारे मंगलवार को धर्म जागरण समिति की सह-संयोजिका भारती वैष्णव के नेतृत्व में कार्यकर्ता शोरूम के भीतर पहुंचे और "जय श्री राम" के जयघोष किए। प्रदर्शनकारियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों से उनके नाम पूछे और उन्हें तिलक लगाया। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी संस्थान "हिंदू विरोधी" नीतियों को बढ़ावा देगा, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं।
क्या है विवाद की मुख्य वजह? विवाद की शुरुआत तब हुई जब लेंसकार्ट की ‘एम्प्लॉई ग्रूमिंग पॉलिसी’ (कर्मचारी साज-सज्जा नीति) का एक दस्तावेज सार्वजनिक हुआ। इसमें कथित तौर पर कर्मचारियों को बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक चिन्हों के प्रयोग से मना किया गया था। इस जानकारी के सामने आते ही इंटरनेट पर कंपनी के बहिष्कार (Boycott Lenskart) की मांग तेज हो गई थी।
कंपनी ने स्पष्टीकरण जारी कर जताया खेद विवाद को बढ़ता देख कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने कहा कि उन्होंने जनता की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हुए अपनी इन-स्टोर 'स्टाइल गाइड' को संशोधित और पारदर्शी बना दिया है।
नई नियमावली के तहत अब तिलक, बिंदी, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक व सांस्कृतिक प्रतीकों को अनुमति दे दी गई है। कंपनी ने कहा कि यदि इस मामले से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका खेद है। साथ ही विश्वास दिलाया कि भविष्य की नीतियां समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित होंगी।

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