कतर के समुद्री क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटना, छह लोगों की मौत
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया. इस बीच अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले जारी है. वहीं ईरान की ओर से इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जा रहा है. वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पाबंदी भी जारी है. इसे लेकर पूरी दुनिया ऊर्जा को लेकर हाहाकार मचा है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो वह उसके पावर प्लांट को तबाह कर देंगे. ट्रंप ने ईरान को इस काम के लिए ठीक 48 घंटे का समय दिया. इसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी! इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकियों के खिलाफ ताकत दिखाने की ईरान की क्षमता को खत्म करने के उनके मकसद बिल्कुल साफ हैं. वहीं दक्षिणी इजराइल के अराद और डिमोना में बड़े हमले किए गए. इजराइल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहां से लगभग 150 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को अराद के मेयर, यायर मायान से बात की और घायलों के लिए अपनी प्रार्थनाएं भेजी. ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार इस हमले में ईरान में मरने वालों की संख्या 1500 से ज्यादा हो गई है.
कतर के समुद्री क्षेत्र में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई, एक व्यक्ति लापता: कतर
कतर के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि खाड़ी देश के समुद्री क्षेत्र में एक मिलिट्री हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है. यह क्रैश पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है. सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान में मंत्रालय ने कहा, 'एक कतरी हेलीकॉप्टर अपनी नियमित ड्यूटी के दौरान समुद्री क्षेत्र में क्रैश हो गया. इसमें सात लोग सवार थे जिसमें छह लोगों के शव बरामद किए गए हैं जबकि एक शख्स लापता है.
ईरान ने कहा, खाड़ी में समुद्री सुरक्षा के लिए UN एजेंसी के साथ सहयोग को तैयार
मेहर न्यूज एजेंसी ने रविवार को बताया कि इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा है कि 'दुश्मन' देशों के जहाजों को छोड़कर बाकी सभी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं, बशर्ते वे सुरक्षा और बचाव के इंतजामों में तालमेल बिठाएँ. मौसावी ने कहा कि इस संकरे जलमार्ग से गुजरना तभी मुमकिन है जब तेहरान के साथ सुरक्षा और बचाव के इंतजामों में तालमेल बैठाया जाए. मौसावी ने कहा, 'कूटनीति ईरान की प्राथमिकता बनी हुई है. हालाँकि, आक्रामकता को पूरी तरह से रोकना साथ ही आपसी विश्वास और भरोसा ज्यादा जरूरी है.' उन्होंने आगे कहा कि ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा हालात की जड़ है.
US और इजराइल ने 80000 आम जगहों पर हमला किया: ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रेसिडेंट पीरहॉसेन कोलिवंद ने कहा कि 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने 80,000 से ज्यादा आम जगहों पर हमला किया है. आईएएनएस ने रविवार को शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि कोलिवंद ने विदेशी मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने अमेरिका और इजराइल के हमलों के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के उल्लंघन पर भी रोशनी डाली. कोलिवंद ने बताया कि जिन जगहों पर हमला हुआ उनमें से 20,000 से ज्यादा तेहरान में थी और 60,000 से ज्यादा दूसरी जगहों पर. उन्होंने बताया कि देश में जिन कमर्शियल जगहों को निशाना बनाया गया, उनकी संख्या करीब 18,790 है. उन्होंने यह भी बताया कि 266 मेडिकल सेंटरों पर हमला हुआ है और 498 स्कूलों को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि इन हमलों में ईरान के मेडिकल स्टाफ के 12 सदस्यों की मौत हो गई और 90 से ज्यादा लोग घायल हो गए. स्थानीय जानकारी के मुताबिक ईरान में मरने वालों की संख्या 1500 से ज्यादा हो गई है.
अमेरिका के तेल पर प्रतिबंध हटाने पर ईरान के स्पीकर ने ये दिया जवाब
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका द्वारा ईरानी तेल की बिक्री पर से अस्थायी रूप से प्रतिबंध हटाने की घोषणा के बाद 'माफ कीजिए, हमारा सारा तेल बिक चुका है' का संदेश देकर जवाब दिया है. अमेरिका ने यह कदम दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की कोशिश में उठाया था. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'समुद्र में फँसे ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाना? माफ कीजिए हमारा सारा तेल बिक चुका है.' गालिबफ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक अनुभवी सदस्य हैं. वह देश के कई नेताओं की हत्या के बाद एक प्रमुख नेता के तौर पर उभरे हैं.
इजराइल ने ईरान की मिसाइल की मारक क्षमता को लेकर चिंता जतायी
इजराइल ने ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर बड़ी चिंता जतायी है. इजराइली सुरक्षा बल( आईडीएफ) ने एक्स पर कहा,'ईरानी शासन ने 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' की शुरुआत के बाद पहली बार एक लंबी दूरी की मिसाइल लॉन्च की, जो लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तक पहुँच सकती है. जून 2025 में 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के दौरान आईडीएफ ने खुलासा किया कि ईरानी शासन की 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइलें विकसित करने की योजना है. ये यूरोप, एशिया और अफ्रीका के दर्जनों देशों के लिए खतरा पैदा करती है. ईरानी शासन ने इस बात से इनकार किया.' हम यह कहते आ रहे हैं, ईरानी शासन एक वैश्विक खतरा है और अब ऐसी मिसाइलों के साथ जो लंदन, पेरिस या बर्लिन तक पहुँच सकती हैं. ईरानी शासन ने इस क्षेत्र के 12 देशों पर हमले किए हैं और एक ऐसी क्षमता विकसित कर रहा है जो कहीं अधिक व्यापक खतरा पैदा करती है.
UAE ने कहा- ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहे हैं
संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि वह रविवार को ईरान की तरफ से हो रहे हवाई हमलों का जवाब दे रहा है. रक्षा मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर शेयर किए गए एक बयान में कहा, 'संयुक्त अरब अमीरात के हवाई सुरक्षा तंत्र (Air Defences) इस समय ईरान की तरफ से आ रही मिसाइल और ड्रोन की धमकियों का जवाब दे रहे हैं.' मंत्रालय ने आगे बताया कि जो आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे हवाई सुरक्षा तंत्र द्वारा मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने (intercept) का नतीजा हैं.' मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि देश के पूर्वी इलाके में तीन ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया गया है.

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