आंबेडकर प्रतिमा विवाद पर ग्वालियर बना छावनी, चार हजार जवान तैनात
ग्वालियर। ग्वालियर (Gwalior) में चल रहे आंबेडकर प्रतिमा विवाद (Ambedkar Statue Controversy) के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्तूबर यानी आज के दिन आंबेडकर समर्थकों (Supporters) ने एक बड़े आंदोलन (Major Protests) चेतावनी दी थी, जिसको देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है चप्पे-चप्पे और हर आने जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया।
ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था, ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि उच्च न्यायालय परिसर में प्रतिमा लगायी जाये लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया।
इस विवाद की आग यहां ख़त्म नहीं बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियां और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव आंबेडकरके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसने आग में घी का काम किया और आंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्तूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है।

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