What is COVID-19 Delta Plus Variant? (कोविड 19 डेल्टा प्लस वेरिएंट )

अप्रैल 2021 में भारत में Covid-19 Delta Variant का संभव रूप से अधिक पारगम्य उत्परिवर्तन पाया गया जिसे Covid 19 Delta Plus के नाम से जाना गया। यह वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट का ही एक रूप है जिसे भारत में पिछले साल पहचाना गया था, और वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के अनुसार अगस्त 2021 में यह लहर बनकर आएगा । यह संस्करण भारत के साथ साथ अन्य कई देशों में पाया गया है।

डेल्टा प्लस वेरिएंट में K417N नामक एक अतिरिक्‍त म्यूटेशन है, जो पिचले बीटा या गामा वेरिएंट से मेल खाता है। रिसर्च के अनुसार संभावनाएं है की यह वैरिएंट एंटीबॉडी या टिके को डेल्टा से बेहतर रूप से चकमा दे सकता है।

Delta Variant से लोगों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा, कई लोगों ने अपने किसी करीबी को खोया। डेल्टा या डेल्टा प्लस से बचने के लिए सरकार काफ़ी प्रयास कर रही है साथ ही टिकाकरण भी मुफ़्त किया गया है ताकि हर देशवासी को टीका लग सके।

यह Delta Plus Variant Covid-19 की तीसरी लहर के बाद पाया गया, Covid-19 Delta Variant में अभी तक जो भी परिवर्तन हुए उन सभी परिवर्तनों के कारण ही Delta Plus Variant बना, जो अब तेज़ी से फ़ैल रहा है।

क्या हैं Delta Plus Variant के लक्षण ?

Delta Plus Variant के बहुत से लक्षण हो सकते हैं जिनके बारे में आपको मालूम होना ही चाहिए, अगर आपको इस वैरिएंट के लक्षणों के बारे में मालूम नहीं है तो हम आपको इसके लक्षणों की पूर्ण जानकारी देंगे,  जिससे आपको यह जानकारी भी आसानी से मिल पायेगी की आप संक्रमित हैं या स्वस्थ?

  • सामान्य रूप से सूखी खांसी का होना।
  • थकान महसूस होना या बुखार का आना।
  • सिर दर्द करना या पेट दर्द का होना।
  • सांस लेने में भारीपन होना।
  • त्वचा पर लाल निशानों का होना।
  • पैरों की उँगलियों के रंग में बदलाव होना। गंध या दुर्गन्ध का चला जाना।

Delta Plus Variant के लिए सावधानियाँ

यदि आप खुद को या अपने करीबियों को Delta Plus Variant से बचाना चाहते हैं तो आपको नीचे दिए गए कुछ  खास बिंदुओं को ध्यान से पढ़ना होगा ।

  • डबल मास्किंग का अपयोग करें।
  • बिना किसी महत्त्वपूर्ण काम के घर से बाहर न निकलें ।
  • सामाजिक दूरियों का हर संभव पालन करें ।
  • बाहरी सामान को घर लाने के बाद सैनिटाइज अवश्य करें ।
  • अपने हाथों को हमेशा सेनिटाइज रखें।
  • खांसते और छींकते वक़्त अपने रूमाल या अन्य किसी वास्तु का अपयोग करें।
  • यदि आप कमरे या ऑफिस में हैं जहाँ भीड़ ज्यादा है तो खिड़कियां और दरवाज़े खुले रखें ।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात अपनी बारी आने पर टिकाकरण अवश्य करवाएं।

क्या है आखिर Delta Plus Variant का उपचार?

ज्‍यादातर डॉक्‍टर अभी इस वैरिएंट के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स की ही सलाह दे रहे हैं और प्रयोग में ला रहे हैं, लेकिन इस विषय में अभी कोई स्‍पष्‍ट जानकारी नहीं मिल पाई है। इस से बचने का सबसे  असरदार तरीका यह है की अपनी बारी आने पर टीकाकरण जरूर करवाएं।

कोविड 19 के लिए अभी तक बहुत सी कंपनियों द्वारा टिके बनाये जा चुके हैं और अभी भी बनते जा रहे हैं और काफी बड़ी मात्रा में देशवासी यह टीके लगवा भी रहे है।

टीका इस वैरिएंट को पूर्ण रूप से ख़त्म तो नहीं कर सकता है परन्तु टिकाकरण वक्त पर करवाने पर आप वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा काफी हद तक टाल सकते हैं । डेल्टा के खिलाफ सभी मौजूदा टिके प्रभावी हैं, लेकिन केवल तभी जब लोगों को पूरी तरह से टीका लगा है।

निष्कर्ष

ऊपर लिखी हुई सभी जानकारियों को ध्यान में रखते हुए यह निष्कर्ष निकलता है की मास्क या सैनिटाइज़र आज भी उतने ही महत्त्वपूर्ण है जितने की साल 2020 या 2019 कोविड की शुरुआत में थे, अकारण ही अपने घरों से बाहर न जाएं । इस बीमारी से बचने के लिए आपको खुद सावधानियों का ध्यान रखना होगा, भारतीय सरकार बीमारी से निपटने के लिए अपनी हर संभव कोशिश कर रही है, पर आपको भी एक ज़िम्मेदार एवं जागरुक नागरिक होने कारण अपनी बारी आने पर नज़दीकी कोविड केंद्रों में जाकर टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए ।

लापरवाही न करें यदि आपको थोड़ा सा भी इसके लक्षण महसूस होते हैं तो डॉक्टरों की सलाह अवश्य लें ।

यदि आप डेल्टा प्लस वैरिएंट से सम्बंधित कुछ भी जानना चाहते हैं तो हमारे कमेंट सेक्शन में बेझिझक अपने सवाल पोस्ट कर सकते हैं, हम जितना जल्द हो सके आपको रिप्लाई करने की कोशिश करेंगे

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