सुबह का नाश्ता क्यों जरूरी? रोज स्किप करने से सेहत पर क्या असर हो सकता है
सितंबर माह को पूरे देश में 'राष्ट्रीय पोषण माह' (National Nutrition Month) के रूप में मनाया जाता है। इस अवधि के दौरान लोगों को संतुलित आहार, सही पोषण और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक किया जाता है। जब बात अच्छे स्वास्थ्य और पोषण की होती है, तो दिन की शुरुआत में लिया जाने वाला सुबह का नाश्ता (ब्रेकफास्ट) बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, आज की भागदौड़ भरी और व्यस्त जिंदगी में बहुत से लोग समय की कमी, वजन घटाने के प्रयास या सुबह भूख न लगने की वजह से नाश्ता छोड़ देते हैं।
क्या रोजाना नाश्ता छोड़ना शरीर के लिए नुकसानदायक है?
यह सवाल अक्सर सामने आता है कि क्या नाश्ता स्किप करना सेहत के लिए हानिकारक है या यह कुछ लोगों के लिए सामान्य दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है? वास्तव में, नाश्ता छोड़ने का प्रभाव किसी भी व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य स्थिति, दिनभर के कुल खान-पान, शारीरिक सक्रियता और संपूर्ण कैलोरी इनटेक पर निर्भर करता है। सुबह का भोजन न करने से शरीर पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को समझना आवश्यक है।
सुबह का नाश्ता छोड़ने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
नाश्ता न करने का प्रभाव हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। यदि सुबह भोजन न करने के पश्चात पूरे दिन में पर्याप्त और संतुलित पोषणयुक्त आहार न लिया जाए, तो शरीर को जरूरी ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी महसूस हो सकती है।
लंबे समय तक नाश्ता न करने के कुछ सामान्य प्रभाव इस प्रकार हैं:
-
सुबह के समय कमजोरी या शारीरिक थकान महसूस हो सकती है।
-
मानसिक एकाग्रता और कार्य के प्रति ध्यान प्रभावित हो सकता है।
-
इसके कारण बाद में अत्यधिक भूख लग सकती है, जिससे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेता है।
-
पूरे दिन के भोजन में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स की उचित मात्रा को शामिल करना कठिन हो सकता है।
तथापि, केवल नाश्ता करने या न करने मात्र से किसी व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का आकलन नहीं किया जा सकता। पूरे दिन का कुल आहार और उसकी गुणवत्ता अधिक मायने रखती है।
क्या नाश्ता छोड़ने से वजन वास्तव में कम होता है?
वजन कम करने के लिए केवल नाश्ता छोड़ना किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं है। शरीर के वजन पर कुल कैलोरी सेवन, भोजन की गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि, नींद और अन्य जीवनशैली से जुड़े कारकों का सीधा असर पड़ता है।
कुछ लोग समय-सीमित भोजन (इंटरमिटेंट फास्टिंग) के तहत नाश्ता नहीं करते और इसके बावजूद उनकी कुल डाइट संतुलित रहती है। इसके विपरीत, कुछ लोगों में नाश्ता छोड़ने के बाद दिन के अन्य पहर में अधिक खाने की प्रवृत्ति विकसित हो जाती है। इसलिए, वजन घटाने के लिए नाश्ता छोड़ने के बजाय एक संतुलित और टिकाऊ डाइट प्लान अपनाना हमेशा बेहतर होता है।
सुबह के नाश्ते में किन खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए?
एक आदर्श नाश्ता ऐसा होना चाहिए जिससे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व प्राप्त हो सकें। इसके प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं:
-
वेजिटेबल पोहा या उपमा
-
दलिया या ओट्स
-
अंडे के साथ मल्टीग्रेन या होल-ग्रेन ब्रेड
-
ताजे फलों और नट्स के साथ दही
-
मूंग दाल या बेसन का चीला
-
इडली-सांभर
-
अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स)
केवल चाय-बिस्किट या अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को रोजाना के नाश्ते का मुख्य हिस्सा बनाना एक संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प नहीं माना जाता है।
किन लोगों को नाश्ता छोड़ने से बचना चाहिए?
बढ़ते बच्चों और किशोरों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों तथा डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपने भोजन के समय में बदलाव करने या लंबे समय तक खाली पेट रहने से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर या डाइटीशियन से अवश्य परामर्श करना चाहिए। विशेष रूप से डायबिटीज की दवाइयां लेने वाले व्यक्तियों के लिए भोजन छोड़ने से ब्लड शुगर का स्तर प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है।

राशिफल 10 अक्टूबर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जीएसटी प्रशासन में छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
धान की जगह सन की खेती, लैलूंगा के किसानों ने बदली खेती की राह
इंदौर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा, दोस्त ने ही घर से चुराया करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना
आगर में 3800 करोड़ की मैक्केन फूड परियोजना होगी शुरू : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
विष्णु भैया के सुशासन में महिलाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान
सेवा संकल्प अभियान के तहत जीपीएम में जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश