जगदलपुर|  छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुई मूसलाधार और भीषण बारिश से उपजे हालात से हर कोई भली-भांति परिचित है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते बस्तर संभाग का क्या हश्र हुआ था, यह किसी से छिपा नहीं है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण पूरे बस्तर क्षेत्र को भारी आर्थिक और ढांचागत नुकसान उठाना पड़ा है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए बस्तर से लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने क्षेत्र के पुनर्निर्माण और राहत के लिए एक बड़ी और अहम माँग उठाई है, जिसके तहत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को आधिकारिक पत्र लिखा है।

सांसद द्वारा लिखे गए पत्र की मुख्य माँगे

सांसद महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री को प्रेषित अपने पत्र में बस्तर, सुकमा और बीजापुर जिलों के लिए कुल 500 करोड़ रुपये के एक विशेष राहत पैकेज की पुरजोर माँग की है। इस प्रस्तावित पैकेज में अकेले बस्तर के लिए 300 करोड़ रुपये तथा सुकमा और बीजापुर के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल करने का आग्रह किया गया है।

अपने पत्र में सांसद ने बाढ़ से प्रभावित हुए गरीब परिवारों, नष्ट हुई फसलों, ढहे मकानों और मृत मवेशियों के मालिकों को उचित मुआवजा दिए जाने की माँग की है। इसके साथ ही, जोरा नाला के लिए नए सिरे से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी (जल विज्ञान संबंधी अध्ययन) कराने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने इंद्रावती नदी में सिल्ट हटाने के लिए ड्रेजिंग कार्य कराने तथा जगदलपुर शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी प्रणाली) विकसित करने का ठोस सुझाव दिया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों का जमीनी जायजा लेने के लिए एक उच्चस्तरीय केंद्रीय जाँच टीम तुरंत बस्तर भेजने का भी आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी ले चुके हैं जमीनी जायजा

उल्लेखनीय है कि इस प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डोंगाघाट पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित परिवारों से आत्मीयतापूर्वक मुलाकात कर उनकी दुख-तकलीफें और समस्याएं सुनी थीं। उस दौरान उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को यह भरोसा दिलाया था कि संकट की इस विकट घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है तथा हर एक प्रभावित परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता व मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।