झज्जर (हरियाणा)। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय कबड्डी टीम के अहम सदस्य रहे झज्जर जिले के बुपनिया गांव के अयान लोहचब का पैतृक गांव इस समय उत्सव और जश्न के माहौल में डूबा हुआ है। अयान की इस शानदार सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई है।

मां के हाथों के चूरमे के साथ होगी बेटे की वापसी

अयान की मां ने भावुक होकर बताया कि जब उनका बेटा एशियाई खेलों के लिए रवाना हो रहा था, तब उन्होंने और दादी खजानी देवी ने उसे अपने हाथों से विशेष रूप से तैयार किया हुआ चूरमा खिलाकर विदा किया था। वह प्यार और आशीर्वाद से भरा एक पारंपरिक अनुष्ठान था। अब जब अयान देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर वापस लौट रहे हैं, तो मां के हाथों का वही चूरमा एक बार फिर उनकी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाएगा। अयान के भाई सुमित लोहचब भी भारतीय टीम की इस कामयाबी और अपने भाई की व्यक्तिगत उपलब्धि से बेहद गदगद हैं।

प्रो कबड्डी लीग से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

अयान लोहचब का कबड्डी के प्रति समर्पण और लगन किसी से छिपी नहीं है। इससे पहले वह प्रो कबड्डी लीग (PKL) में भी अपनी शानदार खेल प्रतिभा का जलवा बिखेर चुके हैं। प्रो कबड्डी में उनके दमदार प्रदर्शन ने ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने और देश के लिए चमकने का अवसर दिया। परिवार को पूरा विश्वास है कि अयान भविष्य में भी इसी तरह देश के लिए पदक जीतते रहेंगे और पूरी दुनिया में भारत का सिर गर्व से ऊंचा करेंगे।

बुपनिया गांव में भव्य स्वागत की तैयारियां

बुपनिया गांव के लिए यह स्वर्ण पदक महज एक जीत नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए बहुत बड़े गौरव का विषय है। अयान के भाई सुमित लोहचब ने जानकारी दी कि 30 सितंबर को जब अयान अपने गांव लौटेंगे, तो उनके स्वागत के लिए एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। पूरा गांव अपने इस युवा नायक के स्वागत के लिए पलकें बिछाए बैठा है और उनकी वापसी पर ढोल-नगाड़ों की थाप और मिठाइयों के साथ जश्न मनाने की जोरदार तैयारियां चल रही हैं।